शनिवार, 1 जनवरी 2011

इक्कीस का ग्यारह!!

शरद की रात्रि भी थी, भोर भी है
वही प्राचीन पल्लव, पक्षियों का शोर भी है,
वही हैं सूर्य की किरणें,
वही तो ऊष्णता है;
भला इसमें नया क्या झलकता है!

कदाचित् कल जो देखे स्वप्न सारे
उन्हीं की पूर्णता का वर्ष है यह;
नई उपलब्धियाँ, समृद्धियों का
कोई पावन नया उत्कर्ष है यह.

है कंटकपूर्ण जीवन यह बड़ों का मानना है
भरा हो वर्ष खुशियों से यही शुभकामना है!!
 
 (शीर्षक साभारः बाबा भारती राजेश उत्साही जी के शुभकामना संदेश से)

48 टिप्‍पणियां:

  1. आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

    http://jomeramankahe.blogspot.com
    http://krantiswar.blogspot.com

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  2. है कंटकपूर्ण जीवन यह बड़ों का मानना है
    भरा हो वर्ष खुशियों से यही शुभकामना है!!
    Yahi shubhkamna aap aur aapke pariwar ke liye!

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  3. सलिल भाई,
    बस इतना ही कह सकता हूँ ...

    इस रिश्ते को यूँही बनाये रखना,
    दिल में यादो के चिराग जलाये रखना,
    बहुत प्यारा सफ़र रहा 2010 का,
    अपना साथ 2011 में भी बनाये रखना!
    नव वर्ष की शुभकामनायें!

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  4. आदरणीय सलिल भैया ! नव वर्ष के नव प्रभात में आपको सादर प्रणाम ! और ढेरों मंगलकामनाएं.

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  5. आपको २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं। नववर्ष प्रतिपदा पर मनाता हूं तो नववर्ष की शुभकामनाएं तब ही दूंगा.... फिलहाल ईश्वर से कामना है कि आप खुश रहें और अपनी बेहतरीन रचनाओं से ब्लॉक पाठकों को खुश रखें।

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  6. आपको, आपके परिवार, पाठकों, मित्रों, परिचितों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें।

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  7. आपको नववर्ष 2011 मंगलमय हो ।
    सुन्दर शब्दों की बेहतरीन शैली ।
    भावाव्यक्ति का अनूठा अन्दाज ।
    बेहतरीन एवं प्रशंसनीय प्रस्तुति ।
    हिन्दी को ऐसे ही सृजन की उम्मीद ।
    धन्यवाद....
    satguru-satykikhoj.blogspot.com

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  8. सर्वस्तरतु दुर्गाणि सर्वो भद्राणि पश्यतु।
    सर्वः कामानवाप्नोतु सर्वः सर्वत्र नन्दतु॥
    सब लोग कठिनाइयों को पार करें। सब लोग कल्याण को देखें। सब लोग अपनी इच्छित वस्तुओं को प्राप्त करें। सब लोग सर्वत्र आनन्दित हों
    सर्वSपि सुखिनः संतु सर्वे संतु निरामयाः।
    सर्वे भद्राणि पश्यंतु मा कश्चिद्‌ दुःखभाग्भवेत्‌॥
    सभी सुखी हों। सब नीरोग हों। सब मंगलों का दर्शन करें। कोई भी दुखी न हो।
    बहुत अच्छी प्रस्तुति। नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं!

    साल ग्यारह आ गया है!

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  9. नये साल के स्वागत में सुन्दर रचना!
    --
    नववर्ष 2011 आपको और आपके पूरे परिवार को मंगलमय हो!
    --
    झट से यहाँ पोस्ट लाने के लिए फट से क्लिक कोड अपने ब्लॉग पर लगाएं! http://blogsmanch.blogspot.com/

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  10. आँग्ले नववर्ष पर हार्दिक शुभकामनाएं......

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  11. सलिल जी ये कविता के बढ़िया संकल्प के साथे नया साल में परवेश काफी सुखद लग रहल बाय.... बहुतै बढ़िया प्रस्तुति. नया साले के सुभकामना जी स्वीकारी रऊरा एक बार फिर से.....

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  12. bade bhaiya nav varsh ki bahut bahut subhkamnayen......aapko, bhabhijee ko aur bachcho ko bhi:)


    aapka chhota bhai:)

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  13. kya baat hai ye to bahut sundar kavita hai..aur naye saal kee badhai bahut pyare tareeke se deti hai... kavi aur kavita ke vaahak donon ko nav varsh kee dher sari badhaiyaan.... :)

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  14. कविता करना तो कोई आपसे सीखे....वाह...बेहतरीन.

    नव वर्ष की शुभकामनाएं स्वीकारें...

    नीरज

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  15. आप को सपरिवार नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनाएं .

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  16. कदाचित् कल जो देखे स्वप्न सारे
    उन्हीं की पूर्णता का वर्ष है यह;
    नई उपलब्धियाँ, समृद्धियों का
    कोई पावन नया उत्कर्ष है यह.


    आपको और आपके परिवार को मेरी और मेरे परिवार की और से एक सुन्दर, सुखमय और समृद्ध नए साल की हार्दिक शुभकामना ! भगवान् से प्रार्थना है कि नया साल आप सबके लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और शान्ति से परिपूर्ण हो !!

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  17. तुझ में ऱब दिखता है सलिल भाई मैं क्या करूं।
    आप जहाँ भी रहे आबाद रहें,
    वैभव,सुख-शांति साथ रहे,
    पुनीत हृदय से कहता हूं,
    जग की खुशियां पास रहे।
    तुम्हे चाहूं, तुम्हारे चाहने वालों को चाहूं।
    हमार भगवान से इहे कामला बा कि नया साल-2011 रउआ जिंदगी में एतना खुशी लावे कि राउर साल ओकरा के सहेजे में ही बीत जाई। धन्यवाद, सलिल भाई।

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  18. सलिल जी,
    आपको और आपके परिवार को नव वर्ष की अनंत मंगलकामनाएं !
    -ज्ञानचंद मर्मज्ञ

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  19. मैं बड़े विश्वास से कह सकता हूं कि आपकी ब्लॉगिंग पिछले वर्ष हिंदी ब्लॉग जगत की एक उपलब्धि रही है। इस वर्ष बाक़ी लोग भी यह स्वीकार करें,नववर्ष में यही शुभकामना है।

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  20. आपको एवं आपके समस्त परिवार को भी नव-वर्ष २०११ मंगलमय ,सुखद तथा उन्नत्तिकारक हो.

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  21. बेहद उम्दा काव्य से नए साल का आगाज़ किया है आपने और कुमार राधारमण जी से सहमत हूँ कि आपके ब्लॉग ने हिंदी-बलॉग जगत में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है गद्य की नई लेखन विधा के साथ , संभवत: यह भोजपुरी मिश्रित हिंदी का नया रूप निकट भविष्य में लोगों की खूब वाह-वाही लूटेगी ।

    कविता बहुत अच्छी लगी ...सर्वोत्तम अभिव्यक्ति !!!

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  22. खूबसूरत कविता ..और सार्थक सन्देश देती हुई


    नव वर्ष की शुभकामनाएँ

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  23. नव वर्ष इक्कीस का ग्यारह मंगलमय हो
    यही बस कामना है।

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  24. हद हो गया...ये तो कविता था...
    हमको लग रहा था की कोई पोस्ट है इसलिए अभी तक नहीं खोले थे...इतना अच्छा कविता तो कल ही पढ़ना चाहिए था एक जनवरी को सुबह सुबह...तब जाकर और अच्छा अच्छा वाला फील आता :)

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  25. भैया प्रणाम, बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ है, नए साल पर आशीर्वाद दीजिये, आपको और आपके परिवार को मेरी हार्दिक शुभकामना!

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  26. आपको २०११ की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  27. कदाचित् कल जो देखे स्वप्न सारे
    उन्हीं की पूर्णता का वर्ष है यह,
    नई उपलब्धियाँ, समृद्धियों का
    कोई पावन नया उत्कर्ष है यह।

    रचना में दार्शनिकता झलक रही है।
    सत्य तो यही है,...सब कुछ स्वप्न ही तो है.....
    ......
    नव-वर्ष मंगलमय हो।

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  28. अपको भी सपरिवार नये साल की हार्दिक शुभकामनायें।

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  29. कदाचित् कल जो देखे स्वप्न सारे उन्ही की पूर्णता का वर्ष है यह;
    जी सचमुच ,आपको भी नए वर्ष की ढेर सारी शुभ कामनाएं

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  30. बहुत ही सुन्दर संदेश
    आपको भी नव-वर्ष की असीम-अनन्त शुभकामनाएं

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  31. जीवन कंटक के साथ ख्‍वाबों में खिले गुलाब, हकीकत में महकें.

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  32. वाह...क्या बात कही है आपने...

    और रचना सौंदर्य की तो क्या कहूँ...

    बस, मन मोह लिया...

    कभी कभी इसी तरह स्वरचित कवितायें भी डाला कीजिये भाई जी...

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  33. सलिल जी ...
    नव वर्ष की मंकल कामनाएं ...
    प्रेम यूँ ही बना रहे ... दिन ऐसे ही बीतते रहें ..

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  34. कल 11/11/2011को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  35. हालाँकि अब तो ऊ साल भी बीत गया , अब सुभकामना देने का मतलब नहीं , लेकिन कविता का तारीफ तो करे सकते हैं , बहुत अच्छी कविता थी |

    सादर

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  36. १३९ पोस्ट और २ दिन , ये वक्त भी बहुत ज्यादा है , क्यूंकि ज्यादातर समय कमेन्ट करने में लगता था पोस्ट तो इतना आसान भाषा में लिखा है कि दो मिनट में ही पढ़ जाता है, लेकिन उस आसान सी लगने वाली पोस्ट पर कोई कमेन्ट करना (जो उसकी शोभा और गरिमा को बरकरार रखे), ये बड़ा काम था |
    "एगो बार देखिये तो आ के तनिक हमरे लेपटापवा का बटन घिस गया और हमरी टाइपिंग इस्पीड आसमान छूने लगी :) "
    कल से ऐसे ही पढ़ रहा हूँ , उतना ही ताजा जितना शुरू किया था (ये भी आपकी लेखनी का ही कमाल है), न खाने की चिंता न पीने की फ़िक्र और अब लग रहा है कि क्यूँ खत्म हो गए सारे पोस्ट , कुछ बचा के रख लिए होते |
    बहुत ही यादगार रहा ये सफर| कई पोस्ट भीतर तक गुदगुदा गयीं (खासकर राजीव शुक्ल वाली ) तो कई अंदर से झकझोर गयीं (ज्यादातर , कोई एक नाम ही नहीं) , कुछ पोस्ट पढ़कर होठों पर मुस्कान आ गयी (खासकर जहां आपने गुजारिश की है कि आपकी पोस्ट पर कमेन्ट करें सिरीमती जी हम सब को दुआ देंगीं), तो कुछ पोस्ट आँख नम भी कर कर गयीं (खासकर रक्षाबंधन वाली पोस्ट), कुछ पोस्ट को पढ़कर बहुत खुशी हुई(खासकर गुलजार साब और अपने ब्लॉग परिवार के ऊपर लिखी पोस्ट), तो (पुनः क्षमा याचना के साथ)'एक' पोस्ट को पढ़कर गुस्सा(साथ ही आंसू) भी आया (हालाँकि मैं अभी भी उस बात पर अडिग हूँ कि मुझे वो पोस्ट पसंद नहीं आयी और उसे पढ़ने के बाद मेरा आगे पढ़ने का ज़रा भी मन नहीं था), और लगभग हर पोस्ट से अपनी जिंदगी जुडी हुई सी लगी कि अरे हाँ ये तो मेरे साथ भी हुआ है |
    हर पोस्ट से कुछ न कुछ सीखने को जरुर मिला , वो सीख जो हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में वक्त हमें सिखाता है लेकिन हमी शायद उन्हें नजरंदाज करके आगे बढ़ जाते हैं |
    कुल मिलकर ऐसा लगा जैसे इन दो दिनों (असल में डेढ़ दिन) में मैं कोई ब्लॉग नहीं पढ़ रहा हूँ , मैं अपने घर में बैठ के किसी अपने खास(चूँकि मैं ज्यादातर नए लोगों से बातें नहीं कर पाता) के साथ बातें कर रहा हूँ |
    पोस्ट खत्म हो चुकी है , अब तो जाना ही पड़ेगा लेकिन आपसे एक चीज माँगना चाहता हूँ -
    आपको बाऊ जी कहने का परमिसन हमको अभी तक नहीं मिला , वो मिल सकता है ??
    एक बात और आज भी आपके मेल-बॉक्स पर ढेरों नए मेल आयेंगे , लेकिन वो स्पैम नहीं होंगे :) :) :)

    सादर प्रणाम ,
    आकाश

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  37. कदाचित् कल जो देखे स्वप्न सारे
    उन्हीं की पूर्णता का वर्ष है यह,
    नई उपलब्धियाँ, समृद्धियों का
    कोई पावन नया उत्कर्ष है यह।

    नया वर्ष आने पर सहज ही आशाएं जगने लगती हैं..शुभकामनायें झरने लगती हैं..सुंदर रचना !

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