ई आभासी दुनिया का एगो सबसे बड़ा खासियत एही है कि इसमें घूमने वाला लोग बास्तबिक है. हर कोई का आपस में तार जुटा हुआ है. एही लोग से समाचार मिलता रहता है कि सब ठीक-ठाक है या अमुक के साथ अइसा हो गया. अभी कुछ रोज पहिले अचानक निर्मला कपिला जी (निम्मो दी) का मेल मिला अऊर उसमें ऊ बताईं कि उनको बहुत सीरियस बीमारी हो गया है अऊर ऊ एकदम बेड-रेस्ट में हैं. मनोज जी के एगो पोस्ट से पता चला कि संगीता स्वरुप जी को कार दुर्घटना में चोट लगा. पाबलाजी के साथ जो पर-साल दुर्घटना हुआ था उसका खबर भी अइसहीं पंडित अरविंदमिसरा जी के माध्यम से लगा था.
अब थोड़ा सा अऊर सीरियस बात करें त डॉ. अमर कुमार के स्वर्गबास के बारे में अऊर हमरे फेसबुक दोस्त हिमांशु मोहन जी के निधन के बारे में भी अइसहीं आभासी दुनिया के बास्ताबिक लोग के मार्फ़त पता चला. अइसने कोनो अबसर के लिए निदा फाज़ली साहेब एगो सेर कहे होंगे:
उम्र होने को है पचास के पार,
कौन है किस जगह पता रखना.
मगर केतना लोग अइसा भी होगा जिनके साथ, केतना तरह का दुर्घटना, अच्छा-बुरा घटता होगा, मगर उनका किसी के साथ कोनो संपर्क नहीं. हम जान भी नहीं पाते हैं ऊ लोग के बारे में. जानना जरूरी नहीं, मगर जानने में हरज भी नहीं. तनी ढाढस हो जाता है अऊर का!! बेचारा सोचता है कि एतना लोग है हमरे साथ.
एही सब बुरा अऊर बहुत बुरा समाचार के दौर में हमरी बिटिया सोनी का एस.एम्.एस. हमको मिला एक रोज. उसमें लिखा था
बाबूजी, बताइए!
अगर आपको मेरे मरने की खबर मिले
तो कितने दिनों में आप मेरा नंबर अपने मोबाइल से
डिलीट कर देंगे!
अभी साल भर पहिले नया जिन्नगी सुरू की है अऊर ई सब बात... फोन करके हम उसको डाँटे. बोली, हमसे कोइ पूछा था तो हम सोचे कि आपसे भी पूछ लें. इमैजिनरी सवाल का बास्ताबिक जवाब दीजिए. गोस्सा में हम बोले कि पागलपन वाला सवाल का हम जवाब नहीं देते हैं. ऊ समझ गयी कि कुछ बात मजाक से बाहर होता है!
मगर ओही दिन के बाद से हम अपना बारे में भी सोचने लगे कि अच्छा है हमरे साथ चैतन्य आलोक हैं. हमरे ब्लॉग का पासवर्ड उनके पास है अऊर हमरे हर साँस का हिसाब भी उन्हीं के पास है. अगर कभी हमरा साँस रुक जाए तो कम-से-कम एक ठो आदमी तो है जो हमरे नहीं होने का खबर आप लोग तक पहुंचा सकेंगे, एक दम फर्स्ट हैंड इनफोर्मेसन. काहे से कि हम त ग्रुप में ब्लॉग लिखते नहीं हैं, इसलिए ई खबर देने के लिए ग्रुप का लोग भी नहीं है हमरे पास.
एक रोज एगो मजाक करने का मन किया कि चैतन्य जी को बोलकर एगो पोस्ट लिखवाते हैं अपने मृत्यु का सूचना देने के लिए. देखते हैं लोग का-का कहता है हमरे बारे में. सायद अपना मृत्यु का सोक-संदेस अपने से पढने वाला पहिला आदमी होंगे हम. ऐसे भी कोइ बुरा तो बोलेगा नहीं, मगर ‘भला’ के भेराईटी का फ्लेभर त देखने को मिलेगा ना! बाद में बता देंगे कि हम मजाक किये थे.
बाकी इसमें एगो नोकसान हो सकता है कि जदी सच्चो में कोनो दिन ई खबर मिलेगा आप लोग को तब???? तब त ई पोस्ट पढने वाला सबलोग समझेगा कि १४.१०.२०११ का रीठेल किया हुआ पोस्ट है. उस दिन कमेन्ट में सबलोग इस्माइली बनाएगा, लिखेगा कि बहुत अच्छे जा रहे हो, लगे रहो, आप भी बहुत अच्छा मजाक कर लेते हैं, अच्छी लगी आपकी मरने की खबर भी, हम तो दुबारा इस खबर को पढकर हंसते-हंसते बेहाल हो गए, हा हा हा, क्या कहने है आपकी मौत के!!
मगर एगो राज का बात बताएं, सच में हम एही चाहते हैं कि जब आप लोग को अलविदा कहें तो इसी तरह का कमेन्ट आप लोग से सुनने को मिले. आज तक आपलोग से कुछ नहीं मांगे हैं (टिप्पणी तक नहीं), कम-से-कम ई इच्छा तो पूरा करना बनता ही है!! वादा कीजिये!

