जमाना चाहे केतना भी एड्भांस हो जाए, अंधबिस्वास खतम नहीं होता है. अऊर अंधबिस्वास भी अजीब अजीब तरह का पालता है लोग जिसका कोनो सिर पैर नहीं होता है. अब बताइए कि दही खाकर काम करने से ऊ काम सफल होता है, त सफलता में दही का हाथ है कि अदमी के मेहनत का! करिया बिलाई रस्ता काट दे त काम बिगड़ जाता है. अऊर कहीं बिलाइये का एक्सीडेण्ट हो जाए त कौन दोसी. घर से निकलते कोई छींक दिया त काम खराब. अऊर काम अच्छा हो गया तब?
अब केतना गिनाया जाए. जेतना समाज, ओतना अंधबिस्वास. कहाँ से सुरू हुआ, अऊर कब से चला आ रहा है ई सब, कोई नहीं जानता है. अब देखिए न, हम जोन अपार्टमेंट में रहते हैं, उसमें फ्लैट नं. 420 का नम्बर मिटा के भाई लोग 421 बना दिया है. अब सोचिए त, नम्बर 420 होने से कहीं अदमी दू नम्बरी हो जाता है का ? बाकी मन का भरम का कोनो ईलाज नहीं.
नम्बर से एगो अऊर बात याद आ गया. होस्पिटल में कभी देखे हैं 13 नम्बर बेड नहीं होता है. अरे भाई तेरह नम्बर का पावर एतना तगड़ा हो गया कि डाक्टर का काबलियत भी हार जाता है! कमाल है!! अब इम्तेहान में रोल नम्बर 13 हो गया,त पढाइए छोड़ कर बईठ थोड़े जाता है अदमी.
अब एगो मजेदार बात बताते हैं..सायद बहुत सा लोग को मालूम होगा. बाकी जो लोग नहीं जानता है उनको बताते हैं. चंडीगढ शहर में बहुत सेक्टर है, लेकिन 13 नम्बर सेक्टर नहीं है. इहो अंधबिस्वास का नतीजा है. लेकिन इसमें भी खूब सुंदर अंधबिस्वास छिपा है. जेतना सेक्टर है, उसका नम्बर एतना हिसाब से बइठाया हुआ है कि आप कोनो आमने सामने वाला दूगो सेक्टर का नम्बर जोड़िए त ऊ 13 का गुणक होगा. जैसे 44 सेक्टर का सामने 34 सेक्टर, दुनो का जोड़ हुआ 44+34=78 और 78= 13X6.
अब ई सब सेक्टर के नम्बर पर लागू होता है. केतना खूबसूरत गणित है...चाहे खूबसूरत अंधबिस्वास. 13 नम्बर सेक्टर नहीं है, मगर सभे सेक्टर के बीच मौजूद है.
अब केतना गिनाया जाए. जेतना समाज, ओतना अंधबिस्वास. कहाँ से सुरू हुआ, अऊर कब से चला आ रहा है ई सब, कोई नहीं जानता है. अब देखिए न, हम जोन अपार्टमेंट में रहते हैं, उसमें फ्लैट नं. 420 का नम्बर मिटा के भाई लोग 421 बना दिया है. अब सोचिए त, नम्बर 420 होने से कहीं अदमी दू नम्बरी हो जाता है का ? बाकी मन का भरम का कोनो ईलाज नहीं.
नम्बर से एगो अऊर बात याद आ गया. होस्पिटल में कभी देखे हैं 13 नम्बर बेड नहीं होता है. अरे भाई तेरह नम्बर का पावर एतना तगड़ा हो गया कि डाक्टर का काबलियत भी हार जाता है! कमाल है!! अब इम्तेहान में रोल नम्बर 13 हो गया,त पढाइए छोड़ कर बईठ थोड़े जाता है अदमी.
अब एगो मजेदार बात बताते हैं..सायद बहुत सा लोग को मालूम होगा. बाकी जो लोग नहीं जानता है उनको बताते हैं. चंडीगढ शहर में बहुत सेक्टर है, लेकिन 13 नम्बर सेक्टर नहीं है. इहो अंधबिस्वास का नतीजा है. लेकिन इसमें भी खूब सुंदर अंधबिस्वास छिपा है. जेतना सेक्टर है, उसका नम्बर एतना हिसाब से बइठाया हुआ है कि आप कोनो आमने सामने वाला दूगो सेक्टर का नम्बर जोड़िए त ऊ 13 का गुणक होगा. जैसे 44 सेक्टर का सामने 34 सेक्टर, दुनो का जोड़ हुआ 44+34=78 और 78= 13X6.
अब ई सब सेक्टर के नम्बर पर लागू होता है. केतना खूबसूरत गणित है...चाहे खूबसूरत अंधबिस्वास. 13 नम्बर सेक्टर नहीं है, मगर सभे सेक्टर के बीच मौजूद है.
